Baghpat News : बुजो (कुत्ते) की आत्मा की शांति को कराया ब्रह्मभोज

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बुजो (कुत्ते) की आत्मा की शांति को कराया ब्रह्मभोज

बुजो (कुत्ते) की आत्मा की शांति को कराया ब्रह्मभोज
बुजो (कुत्ते) की आत्मा की शांति को कराया ब्रह्मभोज

13 वर्ष तक परिवार का हिस्सा रहा बुजो

News24yard 

प्रदीप पांचाल, बागपत पालतू जानवर के प्रति समर्पण भावना की अनेक किस्से सुनने को मिलते हैं। जिला बागपत के बाडौत क्षेत्र से एक रोचक वाक्या सामने आया है। जहां एक व्यक्ति ने अपने कुत्ते की मृत्यु पर न केवल उसे धार्मिक विधि-विधान से दफन कराया बल्कि व और तेरहवीं की रसम भी की। उनका यह कार्य लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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बुजो (कुत्ते) की आत्मा की शांति को कराया ब्रह्मभोज

कुत्ते की मौत पर ब्रह्मभोज का पूरा मामला बड़ौत की शाहमल एनक्लेव का है। शाहमल एनक्लेव में राजीव बालियान परिवार के साथ रहते हैं। 13 वर्ष पूर्व वह एक कुत्ता घर लेकर आए थे। उन्होंने कुत्ते का नाम बुजो रखा। धीरे-धीरे वह घर का हिस्सा बन गया। कुछ समय पूर्व कुत्ते की मौत हो गई। कुत्ते की मौत के बाद उसे दफन किया गया। उसके बाद बरकटे की रसम हुई। पांच दिन बाद शुक्रवार को तेरहवीं संस्कार किया गया। तेरहवीं के दिन बुजो की आत्मा की शांति को हवन पूजन और ब्रह्मभोज का आयोजन हुआ।

13 ब्राह्मणों को कराया भोजन

हवन में परिवार, रिश्तेदार और आस पड़ोस के लोग शामिल हुए। हवन के दौरान बुजो की तस्वीर को याद बतौर रखा गया। पहले 13 ब्राह्मणों को भोज कराया गया। इसके बाद मेवा डालकर बनाया गया हलवा प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। ब्राह्मणों को जग, सुंदरकांड पुस्तक, बिस्कुट, नमकीन, पापे के पैकेट और धन दान में दिया गया।

लोगों को कराया भोजन

ब्राह्मणों के अलावा परिवार, रिश्तेदार और कालोनी के लोगों के लिए भी भोजन की व्यवस्था की गई थी। राजीव बालियान ने बताया कि वह बुजों को बेटे की तरह रखते थे। वह सभी के साथ खाना खाता था। दंपत्ति के साथ बैड पर सोता था। उसके उदास होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाते थे। (बुजो (कुत्ते) की आत्मा की शांति को कराया ब्रह्मभोज)

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