Bijnor News : जिम्मेदारी निभाने को निकिता ने थामा ई-रिक्शा का हैंडल

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जिम्मेदारी निभाने को निकिता ने थामा ई-रिक्शा का हैंडल

पिता की मौत के बाद होने लगी परिवार को परेशानी

जिम्मेदारी निभाने को निकिता ने थामा ई-रिक्शा का हैंडल
जिम्मेदारी निभाने को निकिता ने थामा ई-रिक्शा का हैंडल

News24yard 

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अमीन अहमद, बिजनौर बेटी का जन्म होने पर लोग अफसोस करते थे लेकिन निकिता को देख अब ऐसे लोग अपनी सोच बदलने को मजबूर हो जाएंगे। कैंसर से पिता की मौत के बाद निकिता प्रजापति ने उनके ई-रिक्शा चलाना शुरू किया। वह ई-रिक्शा चलाकर मां, छोटे भाई बहन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। उनके इस कार्य से मां स्वयं को गौरांवित महसूस कर रही हैं कि उन्होंने एक जिम्मेदारी बेटी को जन्म दिया है।

जिम्मेदारी निभाने को निकिता ने थामा ई-रिक्शा का हैंडल
जिम्मेदारी निभाने को निकिता ने थामा ई-रिक्शा का हैंडल

धामपुर क्षेत्र के गांव सरकथल नवादा निवासी वीरेंद्र सिंह प्रजापति ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। वह कैंसर से ग्रस्त थे। सात माह पूर्व बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। ई-रिक्शा चालक वीरेंद्र सिंह प्रजापति की मौत के बाद पत्नी, मंझली व छोटी बेटी और बेटे को आर्थिक संकट ने घेर लिया। परिवार की समस्याओं के निपटारे लिए मंझली बेटी निकिता प्रजापति आगे आई। निकिता ने पिता का ई-रिक्शा चलाने का निर्णय लिया। पहले तो मां ने उन्हें ई-रिक्शा चलाने से मना कर दिया लेकिन उनकी जिद के आगे मां को मानना पड़ा। मां की सहमति के बाद उन्होंने ई-रिक्शा को सड़क पर उतारा। अब वह प्रतिदिन 500-600 रुपये कमा कर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना रही हैं।

बीएससी पास से निकिता

22 वर्षीय निकिता प्रजापति बताती हैं कि वह देवता महाविद्यालय से बीएससी पास है। उन्होंने नौकरी के लिए कई जगह इंटव्यू दिए लेकिन किसी ने उन्हें नौकरी नहीं दी। अंत में उन्होंने ई-रिक्शा चलाने का निर्णय लिया। अब वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ छोटे भाई बहन को शिक्षित बनाने का हर संभव प्रयास कर रही हैं।

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