टेसू के प्राकृतिक रंगों की होली को भूले लोग

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टेसू के फूल
टेसू के फूल

टेसू के प्राकृतिक रंगों की होली को भूले लोग

टेसू के पानी से नहाने से मिलती है ताजगी

News24yard Kamal Kishor : (’टेसू’ के प्राकृतिक रंगों की होली को भूले लोग) समय के साथ तीज त्योहारों के तौर तरीके बदलते जा रहे हैं। वर्षां पूर्व टेसू के रंगो से खेली जाने वाली होली अब रासायनिक रंगों से रंगीन हो गई है। अब लोगों को गुलाल उड़ाने की भी जहमत नहीं उठानी पड़ती। बाजार में विभिन्न प्रकार के रंग बम हैं। जिन्हें जलाने पर काफी ऊंचाई तक रंग उड़ता है। लोग टेसू के फूलों को भुल गए हैं। टेसू के प्राकृतिक रंगों से होली खेलने में काफी आनंद आता है। वहीं त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

क्या है टेसू के फूल

टेसू एक पेड पर लगने वाला फूल है। इसे पलाश, पलास, छूल, परसा भी कहते हैं। इसके फूल काफी आकर्षक होते हैं। प्राचीन काल में होली के रंग इसके फूलो से तैयार किये जाते रहे हैं। इसके अलावा एक लता पलाश होता है। लता पलाश दो प्रकार का होता है। एक लाल और दूसरा सफेद पुष्प वाला। लाल फूल वाले पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया मोनोस्पर्मा और सफेद फूल वाले पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटिया पार्वीफ्लोरा है। सफेद फूल वाले लता पलाश को औषधीय में प्रयोग किया जाता है। लोगों की माने तो एक पीले पुष्पों वाला पलाश भी होता है। इसका उपयोग तांत्रिक गति-विधियों में किया जाता है।

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सूखे टेसू के फूल
सूखे टेसू के फूल

टेसू से होली की परंपरा

ब्रज में होली दुनिया भर में मशहूर है। यहां बसंत पंचमी से ही होली खेलना शुरू हो जाता है। अब भी विभिन्न होली खेलने की परंपरा है। यहां टेसू के रंग से होली खेलने का भी चलन है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने भी अपनी लीलाओं के दौरान टेसू के फूलों से होली खेली थी। ब्रज के आसपास के इलाकों में भी टेसू के फूलों से होली खेली जाती है। वहीं लखनऊ से नवाब भी टेसू के फूल से बने रंगों से होली खेला करते हैं। पुराने लखनऊ में आज भी टेसू के फूलों से होली खेलने की परंपरा है।

ऐसे बनाए टेसू का रंग

टेसू के फूल पंसारी की दुकान पर सुगमता से मिल जाते हैं। इनका रंग बनाना काफी आसान है। रंग बनाने के लिए टेसू के फूलों को रात में पानी में भिगोकर उबाल देते हैं। सुबह ठंडा होने पर इस पानी को बारीक कपड़े से छान लें। जिससे कि फूल, पत्ती अलग हो जाएं। फिर टेसू के फूल से बने रंग से दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ होली खेलें। इसके पानी से नहाना भी त्वचा के लिए गुणकारी होता है। टेसू के पानी से नहाने पर ताजगी का अहसास होता है। वहीं गर्मी भी कम लगती है।

गुणकारी टेसू के फूल

  • असाध्य चर्म रोगों में भी लाभप्रद होता है
  • हल्के गुनगुने पानी में डालकर सूजन वाली जगह धोने से सूजन समाप्त हो जाती है
  • टेसू के फूल को सुखाकर चूर्ण बना लें। इसे नीबू के रस में मिलाकर लगाने से त्वचा के रोगों में लाभ मिलता है।
  • टेसू के फूलों से बना रंग पूर्ण रुप से प्राकृतिक होता है। त्वचा रोग के लिए औषधितुल्य है।
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